Sunday, March 22, 2009

सबको नमस्कार।

आज पहली बार लिपिकार का पता लगा और हिन्दी में लिखना मेरे लिये सम्भव हुआ, आगे देखो क्या होता है।
मैं एक साधारण हिन्दुस्तानी, पेशे से डॉक्टर, यू पी के देहात में काम कर रहा हूँ । फिर मिलते हैं.........

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